नक्कारखाना

.. तूती भी बोलती है ।

एक रहेंगे

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कोई हमको कितना टोके, मिल जुल कर रहने से रोके,
अंधेरों में राह न सूझे, फिर भी अपना साथ न टूटे.
एक हैं, हम एक हैं, हम एक रहेंगे.
किसी ने अब तक नहीं किया वो काम करेंगे.

मांग के रब से देख लिया अब सब्र नहीं
लिफ्ट का पैसा – ऐसा वैसा – क़द्र नहीं.
अब हम अपना कम करेंगे,
‘डॉन’ बन गए, माल भरेंगे.
कद्दू, भोंदू, उल्लू के लिए, नई “LIC” लॉन्च करेंगे.

पीछे पड़ जाये परकाले, तब हम अपना भेजा डालें
जेब से चीजें जेब में डालें, हर मुश्किल की हवा निकले.
एक हैं, हम एक हैं, हम एक रहेंगे.
बाधाओं को तोड़ रास्ता साफ करेंगे
नए पंख लग गाये हमें, अब हम चाह्केंगे
सामने जो बनही आएगा उसे सटका देंगे.

अब वो चाहे भाड़ में जाये उसका पत्ता साफ हो जाये
हम सबको आगे बढ़ने से देखो कोई रोक न पाए
एक हैं, हम एक हैं, हम एक रहेंगे.
बन गई अपनी लाइफ अब तो ऐश करेंगे
ऐश करेंगे, ऐश करेंगे, ऐश करेंगे.
एक हैं, हम एक हैं, हम एक रहेंगे.


‘अजीब’ सुधांशु
Dec, 2003

Written by Sudhanshu

December 15, 2007 at 6:34 pm

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