नक्कारखाना

.. तूती भी बोलती है ।

मुक्तक

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कवितायेँ लिखने में टाइम लगता था तो शुरू हुआ मुक्तकों का सिलसिला..

Written by Sudhanshu

December 15, 2007 at 6:39 pm

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