जो रस है यौवन-श्रृंगर में
जो रस है यौवन-श्रृंगर में,
जो छह वसंत की भ्रिंगर में,
जो प्रेम समर्पित है प्रिय को,
वो सतत रहे कण-कण में / वो बसे ह्रदय के कण-कण में.
–
‘अजीब’ सुधांशु
08 Jun, 2006
(dedicated to: Neeti didi, on her wedding)
.. तूती भी बोलती है ।
जो रस है यौवन-श्रृंगर में,
जो छह वसंत की भ्रिंगर में,
जो प्रेम समर्पित है प्रिय को,
वो सतत रहे कण-कण में / वो बसे ह्रदय के कण-कण में.
–
‘अजीब’ सुधांशु
08 Jun, 2006
(dedicated to: Neeti didi, on her wedding)
Written by Sudhanshu
December 15, 2007 at 7:17 pm
| M | T | W | T | F | S | S |
|---|---|---|---|---|---|---|
| « Jul | ||||||
| 1 | ||||||
| 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
| 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 |
| 16 | 17 | 18 | 19 | 20 | 21 | 22 |
| 23 | 24 | 25 | 26 | 27 | 28 | 29 |
| 30 | ||||||
Blog at WordPress.com. — Journalist theme by Lucian E. Marin